50+ Mirza Ghalib Shayari – Ghalib Shayari in Hindi

इस शायरी संग्रह में मैं आपके लिए Best 50+ Mirza Galib ki shayari पेश कर रहा हूँ उम्मीद करता हूँ की आपको ये Best Galib Shayari पसंद आये। तो चलिए शुरू करते है

बर्दाश्त नहीं तुम्हे किसी और के साथ देखना
बात शक की नहीं हक़ की है…!!!

Ghalib Shayari in Hindi

वो बचपन के सफर आज भी याद आते है
सुबह कही जाना होता था, और हम पूरी रात जागते थे…!!!

सिर्फ प्यार करना काफी नहीं है
कुछ बनना भी पड़ता है, जिंदगी में इश्क़ पाने के लिए…!!!

लगता था की उनसे बिछड़ेंगे तो मर जायेंगे
कमाल का वहम था यार, बुखार तक नहीं आया…!!!

उठती नहीं नज़र किसी और की तरफ,
एक शख्स का दीदार, मुझे इतना पाबंद कर gaya…!!!

फर्क नहीं पड़ता वो कितनी पढ़ी लिखी है
माँ है वो मेरी, मेरे लिए सबसे बड़ी है…!!!

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हालत कह रहे है मुलाकात मुमकिन नहीं
उम्मीद कह रही है थोड़ा इंतज़ार कर…!!!

आइना आज फिर रिश्वत लेता पकड़ा गया,
दिल में दर्द था और चेहरा हँसता हुआ पकड़ा गया…!!!

Mirza Ghalib Shayari

कुछ रिश्ते बचाने के लिए उसूल तोड़े हमने,
जहाँ गलती नहीं थी वहां भी हाथ जोड़े हमने…!!!

मैंने ताले से सीखा है, साथ निभाने का हुनर,
वो टूट गया लेकिन कभी चाभी नहीं बदली…!!!

वक़्त मोहताज कर गया ग़ालिब,
वरना माँ के आँचल तले नवाब थे हम…!!!

Mirza Ghalib Shayari

हमें तो रिश्ते निभाने है, वरना वक़्त का बहाना बनाकर,
नज़र अंदाज करना हमें भी आता है…!!!

मोह ख़त्म होते ही खोने का डर भी निकल जाता है
चाहे दौलत हो, वस्तु हो, रिश्ते हो, या जिंदगी…!!!

देख जिंदगी इस तरह ना रुला मुझको,
हम खफा हुए तो छोड़ जायेंगे तुझे…!!!

कभी फुर्सत हो तो इतना जरूर बताना,
वो कौन सी मोहब्बत थी, जो हम तुम्हे ना दे सके…!!!

हिम्मत ना खोना अभी बहुत आगे जाना है
जिन्होंने कहा था तेरे बस का नहीं उनको भी कर दिखाना है…!!!

ghalib ki shayari

झूठ कहते है लोग की संगत का असर हो जाता है
कांटो को तो आज तक महकने का सलीका नहीं आया…!!!

ये रात आखिरी हुयी तो क्या करोगे,
हम ही ना रहे तो ये नाराजगी का क्या करोगे…!!!

रिस्तो की क़द्र वक़्त रहते कर लेनी चाहिए,
क्यूंकि सूखे पेड़ को पानी देने से कभी हरियाली नहीं होती…!!!

Mirza Ghalib Ki Shayari | Mirza Ghalib Shayari

बस एक आखिरी रस्म चल रही है हमारे दरमियाँ,
एक दूसरे को याद तो करते है पर बात नहीं करते…!!!
Mirza Ghalib Shayari

सबर का मेरे अभी इम्तेहान जारी है
वक़्त वो भी आएगा जब खुदा खुद कहेगा
चल अब तेरी बारी है…!!!

जिंदगी में खुश रहना चाहते हो तो
सबसे पहले उन्हें भूल जाओ जो आपको भूल गए है…!!!

सब ने कहा अच्छे से जाना,
पर माँ ने कहा जल्दी घर आना…!!!

कुछ अधूरापन था, जो पूरा हुआ नहीं,
कोई था मेरा, जो मेरा हुआ ही नहीं…!!!

उसके गलत होने पर भी मैंने उसे चाहा था,
अपनी ही नज़रो में खुद को बार बार गिराया था…!!!
Mirza Ghalib Shayari

फैसले ऐसे भी होंगे कभी सोचा ना था,
सामने बैठा था वो मेरे पर मेरा ना था…!!!

कितना भी लिखो उसके लिए काम है
सच यह है की माँ है तो हम है…!!!

अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है
सवाल भी खुद के होते है और जवाब भी…!!!

चुभ जाती है बाते कभी कभी मार जाते है
ये जिंदगी है जनाब यहाँ हम अपनों से हार जाते है…!!!

मुझे तो तोहफे में अपनों का वक़्त पसंद है
मगर आज कल इतने महंगे तोहफे देता कौन है…!!!

मेरे कातिल भी परेशान है मेरे चाहने वालो की दुआ से,
जब भी वार करते है खंजर टूट जाते है…!!!

अगर कोई आपकी कीमत ना समझे, तो निराश मत होना,
क्यूंकि कबाड़ के व्यापारी को हीरे की परख नहीं होती…!!!

अगर मेरे अल्फाज भी खूबसूरत लगते है तो सोचिये,
जिन्हे सोचकर लिखते है वो कितने खूबसूरत होंगे…!!!

दुनिया खरीद लेगी हर मोड़ पर तुझे,
तूने जमीर बेचकर अच्छा नहीं किया…!!!

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